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पंचायत चुनाव के आगाज

 पंचायत चुनाव का आगाज होंने वाला है । बहुत से युवा प्रधान , सदस्य क्षेत्र पंचायत और सदस्य जिला पंचायत के लिए कमर कस रहे होंगे  ।

बड़ी अच्छी बात है । पर एक बात पर विचार अवश्य होना चाहिए की आप चुनाव लड़ना क्यों चाहते है ? 

आप खाली है ,कोई काम नही बेरोजगार है या आपको आपके यहाँ हुए प्रधान का प्रधानी के बाद हुए आय आकर्षित कर रहे या ब्लॉक प्रमुख के दावेदारों द्वारा दिया जाने वाला 10 या 5 हजार रुपया आपको आकर्षित कर रहा या जिला पंचायत के अध्यक्ष के उम्मीदवार द्वारा 15 या 20 लाख रुपये का दिया जाना आकर्षित कर रहा ? आपको जातिगत ,वर्ग एवं धार्मिक प्रतिस्पर्धा या किसी प्रकार का ईर्ष्या जलन प्रभावित कर रहा ....???

जहाँ तक मुझे लगता है कि मुझे आपसे कुछ कहना चाहिए । यदि उपरोक्त कोई भी कारण नही है और राजनीति में आने की भावना प्रबल है तो मैं व्यक्तिगत रूप से आपका स्वागत करता हूँ । 

आप आज जहाँ खड़े है शास्त्री जी, नारायणदत्त तिवारी जी, श्रीपति मिश्र जी, बीर बहादुर जी, मुलायम जी, मायावती जी, और तमाम नेता आपकी उम्र में वही खड़े थे ....आपको अवश्य आरम्भ करना चाहिए । 

एक बात का और ध्यान रखना चाहिए , यदि आप वास्तव में राजनीति में लंबा सफर तय करना चाहते है तो आपको खुद को टटोलना होगा । हालात, देश परिस्थिति के बारे में भी सोचना होगा और किसी न किसी राजनैतिक दल की विचारधारा को अपनाना चाहिए । बहुत सोच समझ कर ....बहुत लोग सत्ता की ओर आकर्षित होते है , उसी तरफ भागते है, गाड़ियों के झंडे बदल लेते है । उनको लगता है हम जीत लेंगे । हो सकता है कि आप जुगाड़ लगा लो, समर्थन पा लो और जीत भी लो ....पर अगर उस पार्टी की राजनैतिक विचारधारा को आपने अंतर्मन से स्वविकार नही किया है तो आगे का सफर मुश्किल भी हो सकता है और एक अतृप्त आत्मा की तरह जीवन भर का भटकाव भी ....हो सकता है आपको हर 5 वर्ष में या बीच बीच मे दल भी बदलना पड़े । इसलिए राजनैतिक सफर ईर्ष्या,जलन,जाति वर्ग एवं धर्म की प्रतिस्पर्धा, लोभ से रहित और विचारों को आत्मसात करके ही आरम्भ करना चाहिए ।

बहुत से युवा युवती साफ कहते है हमे राजनीति में इंटरेस्ट नही, हमको क्या मिलेगा ? सभी ऐसे है ....आदि आदि ....यहाँ मैं एक बात स्पष्ट कर दू ये मुल्क आपका है और आप सबसे महत्वपूर्ण है इस देश के लिए एक मतदाता के रूप में और भविष्य में किसी भी सम्मानित पद पर पहुँचने के लिए ....शिखर पर पद सदैव रिक्त रहता है । सभी एक जैसे नही होते जैसा कि नेताओ के बारे में आम धारणा होती है । शायद ही कोई परिवार ऐसा हो जिसका जीवन मे एक बार सबका नेता या पुलिस से न हो ...आम जिंदगी में दोनों को ही सामाजिक रूप से पीठ पीछे लोग अनुचित शब्दो से ही विभूषित करते है । यह विडंबना है ! और सफल होते ही गड़ी हुई रिश्तेदारियों को जिंदा करते है या नया रिश्ता बनाने को प्रयासरत होते है ....राजनीति और प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी करने वाले नवयुवको के बारे में ऐसे धारणा होती है , पर सफलता के बाद नही ....

मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का सिपाही हूँ और जिनमे भी राजनैतिक भावना प्रबल हो रही है इस पंचायत के महायज्ञ में आहुति देने की... मैं उनका स्वागत करता हूँ । 


यदि सुख की सीमा सीमित है

सुंदरियों के श्रृंगारों पर, 

तो बीर चला करते है क्यों ?

कांटो और अंगारो पर ?

जनपद बलरामपुर एवं श्रावस्ती के युवा युवती आपका कांग्रेस पार्टी में स्वागत है । 

हाँ कांग्रेस को लेकर बड़ी धारणाये है और कम ही लोगो ने पुस्तक से अध्ययन करके इतिहास जाना है । बहुतायत में व्हाटसअप और फेसबुक विश्वविद्यालय से ज्ञान प्राप्त किये हुए लोग है । हो सकता है दोनों जनपद में बहुत कम युवा युवती मेरे इस पोस्ट से मेरे संपर्क में आये तो बाकियो से सिर्फ एक बात ....


यहाँ वफ़ा की बात कौन करे 

मुझे बेवफा की तलाश है ।


सीने में हो पत्थर का दिल

मुझे उस खुदा की तलाश है ।

व्हाटसअप नंबर 7897868786

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