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Showing posts from February, 2021

गोंडा का कार्यक्रम

 

विवाह की वर्षगांठ

  आज वैवाहिक जीवन के 17 वर्ष पूर्ण हो गए .... क्या लिखूं 17 वर्ष बेमिशाल या 17 वर्ष बमशाल... सर्वप्रथम माता पिता (हम दोनों के) , गुरुजन, देवाधिदेव महादेव, जगतजननी एवं समस्त पूर्वजो को हम दोनों का चरणबन्दन .... प्रिया को पाने की चाहत ...मिलन... और उसके बाद शुरू होता है प्रेम की परीक्षा ....जीवन के कर्तव्यों, उत्तरदायित्वो के रूप में ...फिर प्रेम इन सबके साथ साथ चलता है । अक्सर सहचर को और खुद को लगेगा प्रेम गौण हो गया बाकी ही सब कुछ जीवन है ...पर ऐसा नही वही जीवन ही तो प्रेम है, जो अपना रूप बदलता हुवा विस्तार धारण करता जाता है । जहाँ हम एक एक से दो ...फिर चार ...फिर संसार .....हाँ एक डर फिलहाल मुझसे चलता रहता है कि दिन कम हो रहे साथ के, प्रेम के ...और लोकाचार में हम जन्मदिन,वर्षगांठ, जुबली और क्या क्या मानते रहते है । अपनी जीवनसंघनी के लिए श्री मिश्र की कुछ पंक्तिया यहाँ लिख रहा हूँ ...हालांकि जानता हूँ इन पंक्तियों के बाद भी कम प्यार और अपूर्ण प्यार की शिकायत बरकरार रहेगी ....और होना भी चाहिए क्योंकि वही पा लेने की चाहत बँधे भी रहता है एक दूसरे को ....और दूसरा भी एक महत्वपूर्ण कारण ...

किसानों की बात

 

खिचड़ी का दान

 निवेदन :- खिचड़ी दान करने और ग्रहण करने से पूर्व एक बार अवश्य सोचे उस शख्स के बारे में जिसने मेहनत से इस चावल को आप तक पहुचाया है । निश्चित आपने धन दिया होगा इसके बद ले में , पर धरती को चीर कर हमारे किसान भाइयों ने इसे उपजाया है । वह दौर भी था कि पैसा होने पर भी अनाज नही होता था । लाल गेहू के लिए अमरीका के रहमोकरम पर हम निर्भर थे ....निश्चित हरित क्रांति में इंदिरा जी का साहस और फैसला काबिलेतारीफ है पर पसीने से धरती को उर्वरा किया इन्ही किसानों के पूर्वजो ने ...ये उन्ही के वंशज है जिनके श्रम से आज लाखो कुंतल अनाज सड़ भी जाये तो भारत माँ की आन पर कोई फर्क नही, माँ भारती का कोई लाल भूखा नही .... आज हमारा किसान आंदोलनरत है । अपने हक के लिए, उसे भय है भविष्य को लेकर .... आप नही जा सकते उसके आंदोलन में ...आप सूर्य नारायण से प्रार्थना अवश्य करे ...किसानों के विजय हेतु ।  कुछ मित्र किसी कारणों से किसानों के इस आंदोलन के विरोधी हो सकते है पर किसान विरोधी हरगिज नही ...यदि वो किसानों के विजय हेतु नारायण से प्रार्थना नही कर सकते तो नारायण से यह अवश्य कहे कि ....हे नारायण 60 किसान आंदोलन म...

पंचायत चुनाव के आगाज

 पंचायत चुनाव का आगाज होंने वाला है । बहुत से युवा प्रधान , सदस्य क्षेत्र पंचायत और सदस्य जिला पंचायत के लिए कमर कस रहे होंगे  । बड़ी अच्छी बात है । पर एक बात पर विचार अवश्य होना चाहिए की आप चुनाव लड़ना क्यों चाहते है ?  आप खाली है ,कोई काम नही बेरोजगार है या आपको आपके यहाँ हुए प्रधान का प्रधानी के बाद हुए आय आकर्षित कर रहे या ब्लॉक प्रमुख के दावेदारों द्वारा दिया जाने वाला 10 या 5 हजार रुपया आपको आकर्षित कर रहा या जिला पंचायत के अध्यक्ष के उम्मीदवार द्वारा 15 या 20 लाख रुपये का दिया जाना आकर्षित कर रहा ? आपको जातिगत ,वर्ग एवं धार्मिक प्रतिस्पर्धा या किसी प्रकार का ईर्ष्या जलन प्रभावित कर रहा ....??? जहाँ तक मुझे लगता है कि मुझे आपसे कुछ कहना चाहिए । यदि उपरोक्त कोई भी कारण नही है और राजनीति में आने की भावना प्रबल है तो मैं व्यक्तिगत रूप से आपका स्वागत करता हूँ ।  आप आज जहाँ खड़े है शास्त्री जी, नारायणदत्त तिवारी जी, श्रीपति मिश्र जी, बीर बहादुर जी, मुलायम जी, मायावती जी, और तमाम नेता आपकी उम्र में वही खड़े थे ....आपको अवश्य आरम्भ करना चाहिए ।  एक बात का और ध्यान रख...