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बधाई स्थापना दिवस की


 अखिल भारतीय कांग्रेस के 136वे स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं !

तमाम खुशियो, शुभकामना और

 बधाई के साथ साथ मंथन भी होना चाहिए .....

मैं देश के संदर्भ में तो नही पर उत्तर प्रदेश के संदर्भ में कुछ विचार अवश्य रखना चाहूंगा । आजादी के बाद 21 बार उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने वाली कांग्रेस आज 7/5 विधायको के साथ जद्दोजहद में लगी है .....

उत्तर प्रदेश में जितने आधारभूत ढांचे है लगभग सब कांग्रेस के द्वारा दिये गए , ये अलग बात है कि सोशल मीडिया पर धमाल मचाने वाले युवा/युवती ने कांग्रेस का शाहसन न तो देखा है और न ही उनको फुरसत है इतिहास या अतीत में झांकने की....लगभग हर युवा व्यस्त है । अपने 24 घंटे में वो तमाम समय मोबाइल को दे जाता है । उसकी जानकारी whatsaap और फेसबुक के माध्यम से पूर्ण होती है। और सोशल मीडिया पर तमाम ज्ञान की बाते आती ही रहती है ....

युवाओ को अपने पिता, दादी , बाबा, नाना , नानी से अवश्य चर्चा करनी चाहिए जिससे वो कांग्रेस के गुण और दोष से परिचित हो सके...यह मैं सिर्फ इसलिए नही कह रहा कि मैं कांग्रेस का कार्यकर्ता हूँ बल्कि आप मताधिकार के प्रयोग से पहले समस्त राजनैतिक पार्टी के बारे में उनके कार्यो अच्छाई बुराई से परिचित हो तो देश और लोकतंत्र बेहतर दिशा में जायेगा । देश आपका है चलाएंगे आप ही ....

जनता जनार्दन जो भी जनादेश देगी सर आंखों पर ...पर हम कांग्रेसियो ने क्या ऐसा प्रयास किया कि हम भी आज सत्ता में होते? ....वो तमाम लोग जो मेरी तरह कयास लगते है अबकी 12 में....अबकी 17 में....अबकी 19 में ...और फिर एक उम्मीद 22 की .....

क्या हमने ईमादारी से जनता से सरोकार बनाये रखा? क्या हमारे हाईकामन ने प्रदेश के बारे में उचित निर्णय लिया?  

हो सकता है हमसे जनता नाराज हुई हो हमने मनाया??? ...फिर हम उन्ही क्षेत्रीय पार्टियों से बार बार गठबंधन करते रहे जो हमारे वोट में सेंध लगा कर अपना वजूद बना ले गयी । हमारे बराबर ही नही हमसे बहुत आगे हो चली और सत्ता पर भी काबिज हो गयी ....हमने कई बार ये गलती की ....हमने प्रदेश प्रभार भी उन साहब को कई बार दे दिया जिनके पहली बार प्रभारी होने पर ही हमारी संख्या घट गयी ....हमने उत्तर प्रदेश को प्रयोगशाला बना डाला । युवा कांग्रेस जो हमारे कांग्रेस रूपी शरीर के दोनों हाथ है ...उसमे मनोनयन के स्थान पर चुनाव करना आरंभ कर दिया ....बड़े नेताओं के प्रिय और पैसों से पहचान बनाने वाले बहुतायत नेता हो गए जो नॉन पोलटिकल थे ....तमाम कर्मठ, छात्र नेता और राष्ट्रीय छात्र संगठन के पौधों को हम उचित स्थान न दे सके ....और ये बीमारी निचले स्तर पर हमारे राष्ट्रीय छात्र संगठन में भी पहुच गयी । हमने अपनी दोनों पौधशाला लगभग नष्ट कर दी....इधर अन्य दल जातिगत और धार्मिक आधार पर अपनी गोटिया सेट करने लगे और हम उसी ट्रेडिशनल तरीके से कांग्रेस चलाते रहे । मजे की बात ये है कि बच्चों का तो हम चुनाव कराने लगे और पीसीसी और आईसीसी सदस्यो का चुनाव पर्वेक्षक सिर्फ कागजों पर करने लगे । जिनको भविष्य में हमको बड़े चुनाव लड़ाने थे वो जुगाड़ में लग गए ....

वर्तमान में बड़ा असंतोष व्याप्त है । हमारे प्रदेश कमेटी को हमारे प्रदेश अध्यक्ष को लेकर .....

मैं भी विचलित सा हो जाता हूं कभी ये असंतोष वाजिब सा लगने लगता है और कभी कभी ये सोचता हूं कि जब नया निजाम आया है तो नए तरीके से सत्ता पाने को प्रयास करेगा । जिनको भी शिकायत है उनमें अधिकांश वो है जिनको पद नही मिल पाया ...पूर्व की भांति फिर एक नया प्रयोग बहुत ही जुझारू विधयक को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी मिली , प्रदेश कमेटी पूर्व से लगभर 20 प्रतिशत कर दी गयी । मात्र 50 की कमेटी से वो प्रदेश चलना आरम्भ हुवा जो संसार के 5वे देश की श्रेणी में आता है । शासन जिसे चलाने के लिए 150 ( 75 जिलाधिकार एवं 75 कप्तान) रखता है । तमाम तरह के पेरशेप्शन बने ....जो असंतुष्ट है या समायोजित नही है वो जातिगत स्तर पर उतरे, कही न कही वो तर्क से अपनी बात सिद्ध भी कर ले जाते । आप उससे इनकार भी नही कर सकते । इसी प्रयोग में कमेटी में तमाम वो चेहरे भी आये जिनका कांग्रेस से पूर्व में कोई लेना देना भी नही था । ये सारी जद्दोजेहद तो चल ही रही थी कि कॅरोना आ गया ....कुछ ने मेहनत किया और खुद को साबित किया, जेल गए और बहुतो को कुछ न करने का बहाना भी मिल गया ...तीन प्रयोग और भी हुए । 

1-दलितों को लुभाने के लिए तिरंगे के स्थान पर नीला फटका छाती से लगाया गया ।

2-2017 के चुनाव पूर्व हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश के सरजमी पर बिना पूछे ही कहा कि "जो लोग ये जानना चाहते है कि हमारा गठबंधन किससे होगा, उनको मैं बता दु कि हमारा गठबंधन उत्तर प्रदेश की जनता से होगा" जबकि हुवा उल्टा ...हमने समाजवादी पार्टी से गठबंधन कर लिया । जिसके शासनकाल मे अपराध और तमाम मुद्दों के खिलाफ हम सड़को पर उतरे थे । 

3- इसी प्रकार जब श्रीमती प्रियंका गांधी जी का प्रथम आगमन हुआ तब हमारे राहुल जी ने पहली सभा पीसीसी में कहा " ज्योतिरादित्य और प्रियंका जी सुन ले कि 2019 के चुनाव में बाहरी और पैरासूट से आये नेता को टिकट न मिले" ....पर हमने 80 में लगभग 52 टिकट बाहरी को दे दिया ...कुछ उसमे से चले भी गए ।अब हम 22 के मुहाने पर खड़े है ।

तमाम लोगो को श्रीमती प्रियंका जी से उम्मीद है कि उनके आने मात्र से सब कुछ ठीक हो जाएगा ...श्रीमती गांधी ने अपना बेहतर दिया ....2019 के चुनाव में तमाम रैली और जसनसभा... पहली प्रभारी है जो लगभग 5000 कार्यकर्ताओ से मिली और घंटो उनका दर्द सुनी , शिकायत सुनी ....चुनाव बाद सोनभद्र में सरकार को परास्त किया ....उन्नाव के मसले पर सरकार को परास्त किया ....चिमनायनन्द के मसले पर सरकार को परास्त किया ....दिल्ली में उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं का शानदार जनसभा किया । जिसमें उम्मीद से दुगनी संख्या हुई और पूरा रामलीला मैदान भर गया बाहर का सड़क भी । किसानों की समस्याओ का 50 लाख फॉर्म भरवाया .... कॅरोना काल के lockdown में हर जनपद में सांझा चूल्हा के माध्यम से गरीबो को भोजन, मास्क, साबुन और सेनिटाइजर उपलब्ध कराया ....दो बार प्रदेश के लाखों छात्रों का सामान्यज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन कराया ....हर मसले पर चाहे बेटियो का मसला हो, किसानों का हो, गाय का हो, बेरोजगारी का हो , नवजवानों का मसला हो ....किसी की मृत्यु हुई हो या किसी छात्र ने टॉप किया हो सब पर मुखर रही .....पर हम ? 

हमने क्या किया???

क्या हमने अपनी प्रियंका जी का 10 प्रतिशत किया ? क्या हमने इस 22 माह में 22 नए सदस्य बनाये? क्या हमने 22 माह में 22 गांव का दौरा किया ? या सिर्फ लोगो की कमियां, नए पुराने, पंडित ठाकुर, पिछड़ी और अगड़ी .....हमने तो अपने लेनिन के कुर्ता पजामा, चाय वाले का खर्चा, गाड़ी के डीजल का खर्चा के सिवा सार्थक पहल कितना किया ??? यह भी सोचने का दिन आज है .....

जितने भी देवी सज्जन को हमने आहत किया उनसे क्षमा मांगते हुए दो बातों से अपनी बात समाप्त करूँगा 

1- एक ऐसा नेता प्रदेश को दीजिये जो व्यक्तित्व के साथ साथ मुख्यमंत्री होने के लिए पागल हो , दीवाना हो ....(सार्थक लीजिये अन्यथा नही )

2- कार्यकर्ता सबकुछ भूल कर ,सीनियर जूनियर, जाति, धर्म,पद, चिट्ठी...सिर्फ और सिर्फ सत्ता के लिए प्रयास करे , दिवास्वप्न नही ....एक योद्धा की भांति

यकीन करो 22 हमारा होगा ।

आप सभी को स्थपना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं !

चंद्रशेखर मिश्र "शेखर"

सदस्य प्रदेश कार्यकारिणी 

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी

व्हाट्सएप नंबर 7897868786

Comments

  1. कांग्रेस एक पार्टी ही नहीं विश्व की सर्वश्रेष्ठ विचारधारा है आज पुरे विश्व में इस विचारधारा के समर्थक हैं, हमारा देश इसी के दम पर आगे बढ़ा यह विचारधारा समाज में कांग्रेस की स्थापना के पहले सी ही विराजमान इसी के पथ पर चलकर कांग्रेस पार्टी मे कई महापुरुष नेता हुये महात्मा गांधी जी ने विश्व को एक अलग राह दिखाई कांग्रेस की विचारधारा के पथ पर चलकर,

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  2. स्थपना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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