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"आपदा में अवसर"

बड़ा हांच पॉच है चारो तरफ .....

कॅरोना का कहर, टिड्डियों का कहर, आसाम में बाढ़ का कहर, बार्डर पर चीनी सेना का कहर, काश्मीर में आतंक का छिटपुट कहर.....बाकी उत्तर प्रदेश की क्या कहूं.....???
कुछ नवजवान भविष्य, नौकर, EMI को लेकर परेशान ....तो कुछ हुंकार भर रहे कि "आएगा तो मोदी ही" । सच कहूँ तो भविष्य और वर्तमान दोनों को लेकर मैं भी बहुत चिंतित हूँ। बेटा बड़ा हो, गया इस साल बोर्ड है । हमारा था तो पापा  बहुत सतर्क थे, पढ़ाई तो पढ़ाई प्रोटीनेक्स का डिब्बा भी ले आये थे, मम्मी रोज रात दूध में मिला कर देती थी। मेरा वाला तो स्कूल भी नही जा पा रहा, ट्यूशन कोचिंग की तो बात ही कहा रह गयी covid19... सरकार ने कुछ राहत बातो ही बातों में दिया, कि emi, मिनिमम बैलेंस, विद्यालय फीस....कुछ आराम मिलेगा । बाकी मिलेगा या नही ये तो आप जान ही चुके होंगे । जो मेरी स्थिति है कमोबेश सबकी वही होगी , मोदी वाला हो, अखिलेश वाला हो, योगी वाला हो ,बुवा वाला हो ....या मेरे जैसा निठल्ला कांग्रेसी ।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि "आपदा में अवसर खोजो" ....तमाम लोग खोज भी रहे । बहुत बड़े व्यवसायियों का NPA हो भी गया , मैं बैंक गया लिमिट के लिए तो मैडम बोली प्राइवेट में 20 लाख करोड़ की कोई गाइडलाइन नही है । स्टेट बैंक गया तो वहां वाली मैडम बोली मेरे  यहाँ जिनका लिमिट चल रहा उनका 20 प्रतिशत बढ़ा दिया गया । मैन पूछा नए वालो को तो कुछ स्पष्ट जबाब न दे सकी । मैन भी खुद को डाँटा "बेटा वोट तो मोदी जी को दिया नही था तो मिलेगा क्या घंटा".....उन लोगो को मिल रहा होगा जिसने दिया होगा । हालांकि एक बैंक में अप्लाई किये हूँ । इतना पेपर ले चुका है और इतना फ़ोन कर चुका है कि कॅरोना भी हुवा होता तो ठीक हो जाता ....मिलेगा तो है नही ....अब आएगा मोदी ही कि नही मैं नही जानता पर मेरा बैंक कोई भला करने वाला नही ।
हा तो "आपदा में अवसर" ....मेरे सचिन पायलट भैया भी आपदा में अवसर तलाशने लगे । अब तलाशे भी क्यों न ? नवजवान है, बैकग्राउंड मजबूत है । और कश्मीर में बंद किये गए नेताओ में सबसे पहले उनके ससुर( जनाब फारुख अब्दुल्ला )और उनके साले (जनाब उमर अब्दुल्ला ) ही रिहा किये गए । प्रोत्साहन तो वही से मिला होगा । घर मे भाभी भी ताने मार देती होंगी ....डिअर हनी  सी ....डैडी एन्ड ब्रो को छोड़ दिया मोदी अंकल ने.... आप क्यों नही कुछ सोचते उनके बारे में । कैसा फील गुड होगा जब आप भी सीएम होंगे । पापा रहे, भाई था, फूफा रहे आप भी हो लो ना प्लीज...."आपदा में अवसर तलाशो" न हनी ....
40 के आसपास पति पत्नी की सुनना आरम्भ ही कर देता है । चाहे अक्ल आ जाती हो या जीवन की इस मजबूरी को स्वविकर ही कर लेता हो ।
देखो अवसर तो मिलता ही है । हर बेटे को मिलता है, बाप के बाद , लेकिन कुछ बेटे ऐसे भी हुए जिन्होंने अवसर बनाया ....अजातशत्रु, जहाँगीर, प्रमोद महाजन का बेटा.... तमाम ऐसे हुए । जिन्होंने अवसर बनाने के लिए खामखा आपदा ला ही दिया ।
कुछ लोग बड़ी हुंकार भर रहे नवजवान है, मध्य प्रदेश में सिंधिया को नहीं सुना...राजस्थान की सरकार पायलट की वजह से ही आयी है ...6 साल मेहनत किया । बहुत सी बातें , वैसे इनकी बातो में वजन भी है नवजवानों को अवसर मिलने चाहिए ....आडवाणी, जोशी जैसे लोगो को दरकिनार कर अवसर खोजा गया और सफल भी रहा । हालांकि मध्यप्रदेश में नही रहा और राजसथान में होगा भी नहीं । बाकी तो आप जानते ही हो ......है तो मुमकिन है ।
हर चीज का समय होता है मेरी समझ से, बहूँ भी सास होती है पर सास बनाने के चक्कर मे बुढ़िया को घर से निकाल दोगी ? जब तुम्हारा जन्म भी नहीं हुआ तब से बुढ़िया एक एक ईंट बटोर बटोर ये कोठी खड़ा की । पर कुछ लायकदार होते है जो बहु का समर्थन करते दिखते ....
पायलट बाबू जीवन बहुत कठिन है । यकीन ना हो तो पाप की बाइग्राफी ही पढ़ लो, पढ़ना ही क्या? उसकी रचियता आपकी मम्मा तो घर मे ही है उन्ही से पूछ लो ....आप राजेश पायलट के बेटे न होते तो जिला पंचायत के सदस्य के चुनाव के लिए जुगाड़ लगा रहे होते । यकीन मानिए मेरा बाबू .....26 साल की उम्र में आप सांसद बने, आपको टिकट क्यों मिला, सोचा आपने ?आप भी वजह है कि हमारी कांग्रेस को वो लोग भी वंशवादी कहते है जो अपने बेटों को सेट करने में जुटे है। मंत्री बने आप भारत सरकार में , क्यों बने सोचा आपने ? राहुल जी प्रियंका जी तो नहीं बने ना...उम्र तो उनकी भी थी । देश मे तो घरेलू महिला भी मुख्यमंत्री हो जाती है । प्रदेश अध्यक्ष बने आप इसी उम्र में और उपमुख्यमंत्री भी .....इतना बहुत नहीं था ? .....इतना बड़ा व्यक्तित्व लेकर भविष्य में पूरे राजस्थान में आपके सिवा होता ही कौन मुख्यमंत्री ?  कभी हम जैसे तमाम कार्यकर्ताओ के बारे में भी सोच लेते... पूरी बगावत वाली दहकते अंगारे पर पानी फिर जाता साहब । 
पायलट साहब के समर्थन में जो कांग्रेसी मित्र तर्क दे रहे है। उनको एक मशवरा है मेरा, कि एक बार कल्पना करके देखो की तमाम विषम परिस्थितियों में जब परिवार कमजोर हो तब आपका बेटा आपके विरोधी से मदद लेकर अपनी ताजपोशी मांगे तो आप पर क्या गुजरेगी ? मैं कांग्रेस के फैसले से पूर्णतया सहमत हूं । पायलट बाबू न वख्त सही है ना ही आपका इरादा .....
बाकी आपदा में अवसर मिल तो सकता ही है... ....है तो मुमकिन है ।

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