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Showing posts from May, 2021

आपदा में भी खुशियां....

  आपदा में खुशियों का अवसर .... इस शब्द से तो आप परिचित ही होंगे "आपदा में अवसर" ...कोई नही चूका अवसर लेने में, यहाँ तक जिसने इस शब्द का ईजाद किया वो भी नही....        ठोकनी,पान मसाला से सब्जी और जीवन उपयोगी सभी वस्तुएं महंगी हुई । किसने किया ? कम हो गयी थी क्या चीजे ? अवसर का आनंद सभी ले लिया....शमशान पर लकड़ी भी महंगी हुई और कफन का कपड़ा भी ...... एक नई चीज आयी ऑक्सीजन ....सभी जानते है फेफड़े पर यदि कोई दिक्कत आएगा तो आवश्यकता ऑक्सीजन की ही पड़ेगी । आपको पता है कॅरोना की पहली लहर आने के बाद भी पिछले वर्ष ऑक्सीजन का निर्यात 700 प्रतिशत बढ़ा दिया गया । रिफलिंग जहॉ 500 रुपये में होती थी उसे 2000 निर्धारित किया गया ....अन्य देशों की जनता की आवश्यकता को हमारे यशस्वी ने महसूस किया ...अपनी तो जी लेगी, लोग है ना तर्क देने वाले, उनकी महत्ता और अनिवार्यता बताने वाले ...एक और बात मई जून 2000 में जब अन्य देश वैक्सीन का आर्डर कर रहे थे तब हमसे थाली और ताली बजवाया जा रहा था ...खैर मैं भी कहाँ भटक गया , लिखने क्या जा रहा था और लिखने क्या लगा ....सरकार समर्थक आगे पढेंगे ही नही मेर...

साथी हाथ बढ़ाना

प्रिय अशोक को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं !           न तो मुझे नशा है और न ही मैं पेशेवर हूँ बधाईयां लिखने का ....पर अपने क्षेत्र रूपी ग्रंथ का अध्यनरत छात्र अवश्य हूँ, जो बेहतर व्यक्ति रूपी पन्ना मैं पढ़ कर आनंदित हो जाता हूँ ...उन पर कुछ कहने को विवश हो जाता हूँ ।          इस भारी जवानी में भी साधु के रूप "डॉक्टर अशोक चौहान" मुझे प्राप्त हुए । मुझे ओशो की वो पंक्ति याद है आ गयी..." हा मैं साधु चाहता हूँ पर भभूत लभेड़े केसरिया में एक याचक नही जो दूसरों पर आश्रित हो अपने भोजन के लिए, बल्कि मैं साधु चाहता हूँ व्यवसायी के रूप में, नेता के रूप में, अधिकारी कर्मचारी के रूप में, कृषक के रूप में,अध्यापक, डॉक्टर, इंजीनियर.... के रूप में , मानव के रूप में .....! हमारे यहाँ तो गणिकाएं भी साधु रूप में प्राप्त हुई और मनुष्य क्या स्वयं नारायण ने उनका स्वविकार किया ......         अशोक को मैं युथ कांग्रेस के एक सिपाही के रूप में जानता था वर्षो पहले ...फिर एक समाजवादी या यूं कहें जनाब मसूद से आसक्त एक प्रेमी के रूप में .....तमाम बा...

उठो अब जाग जाओ, विलंब हो रहा..

  भगवान परशुराम को दैनिक चरण वंदन 🙏        आज भगवान परशुराम नारायण के छठे अवतार की शुभ जयंती है । आज के दिन अनेक शुभ कार्य हुए ....ब्रम्हा जी के पुत्र अक्षय कुमर का जन्म हुआ ! माँ अन्नपूर्णा का जन्म हुआ ! माँ गंगा का आज ही पृत्वी पर अवतरण हुआ ! आज ही कुबेर जी को खजाना मिला! आज ही पांडव को सूर्य नारायण ने अक्षय पात्र दिया ! आज ही आदिगुरु शंकराचार्य ने कनकधारा स्त्रोत की रचना की ! आज ही के दिन महाभारत का युद्ध समाप्त हुआ ! आज ही के दिन से श्री गणेश जी की सहायता से महर्षि वेदव्यास जी ने महाभारत ग्रंथ लिखना आरम्भ किया ! आज ही श्री बद्रीनाथ के कपाट खोले जाते है !  आज ही बाके विहारी के चरण दर्शन होते है ! आज ही प्रथम तीर्थंकर आदिवेद ने 13 माह तपस्या उपरांत गन्ने का रस ग्रहण किया ....और आज ही पवित्र रमजान समाप्त होकर शुभ ईद के रूप में फलीभूत भी है .....          तमाम लोग आज ही के दिन तमाम शुभकार्य करते है । मैं स्वयं आज कुछ न कुछ नया घर मे लाता था , अमूमन सोने की कोई वस्तु ...पर इस बार ये लेख, दवाओं के साथ सिर्फ विश्राम और अपने परशु बाबा ...