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Showing posts from August, 2020

एक पहल आप भी भागीदार बने, अच्छे समाज के निर्माण में अपना योगदान दे

पिछले 5-6 दिनों से मैं श्रीमती प्रियंका गांधी के एक पहल का प्रचारक बना हुआ हूं । मैं कांग्रेस का एक कार्यकर्ता हु इसलिए नही यदि मैं ना भी होता तो इस मुहिम को आगे बढ़ता । ऐसा इसलिए क्यूंकि आप भी अनुभव करेंगे कि आज के नवयुवक या टीन एजर्स समसामयिक मुद्दों से दूर हो रहे , खासकर ग्रामीण क्षेत्र के .... एक और निवेदन मैं आपसे करना चाहता हु यदि आप किसी अन्य दल या अन्य राजनैतिक विचार के पोषक या संवाहक है तब भी इस मुहिम के आगे आइये  .....क्योंकि ये आपके बच्चो के लिए है। और एक ऐसी शख्स आपके प्रदेश में ज्ञान, पढ़ायी, लिखाई की बात कर रही । लखीमपुर के टॉपर्स को उन्होंने पत्र लिखा । ऐसे विचार एवं पहल का सम्मान कीजिये , ताकि आपके राजनैतिक दल और अन्य विचार के लोग भी ऐसा करने को विवश हो ....मूर्ति,मंदिर,मस्जिद से आगे बढ़े.... आप लोगो से अनुरोध है कि छात्र छात्राओं को जागरूक कीजिये और आपके माध्यम से उनकी मदद हो । मेरे इस पोस्टर को लोगो को फारवर्ड कीजिये और जितने भी ग्रुप हो आपके पास उसमे फारवर्ड कीजिये । इससे दो फायदा होगा एक तो मेधावी छात्रों की मदद होगी, उनमे सामान्यज्ञान के प्रति ललक होगा...

घर बैठे जीते लैपटॉप,मोबाइल और तमाम इनाम

देवियो एवं सज्जनो नमस्कार पत्र बच्चो के नाम 👇 प्यारे भतीजे एवं भतीजियों शुभ आशीष पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रीमती प्रियंका गांधी जी ने भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी जी की स्मृति में द्वतीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिया का आयोजन किया है । इस प्रतियोगिता का राजिस्ट्रेशन और परीक्षा दोनों ही ऑनलाइन होगा । covid 19 की वजह से आप घर बैठे अपने मोबाइल से ही परीक्षा दे सकते है । इसके लिंक पर जाकर आप फॉर्म भर सकते है । राजीव गाँधी प्रतियोगिता में भाग लें। www.yuvajosh.in पर रजिस्टर करें।  * आप फॉर्म के अंत मे 11वे नंबर पर Referal Code (रेफरल कोड) IFR205 अवश्य भरे , इससे आपके चाचा का सम्मान बढेगा ।*  फॉर्म में 11 पॉइंट भरने है , नाम, जन्मतिथि,लिंग,फ़ोन नंबर,जिला,गांव या शहर,माता या पिता का नाम,Email, विधानसभा का नाम,ब्लॉक का नाम और रेफ़रल कोड  *इसके नियम इस प्रकार है*  1- प्रतियोगिता ऑनलाइन होगी 2-प्रतियोगिता प्रत्येक जिले में होगी, पुरस्कार प्रत्येक जिले में दिया जाएगा । 3-प्रतियोगिता उत्तर प्रदेश के निवासी के लिए है ( उत्तर प्रदेश का निवासी भारत मे कही भी राहते है तो वो पात्...

भारत के राजीव

76 वर्ष के होते राजीव जी यदि हमारे बीच होते....किसी राजनेता के लिए ये उम्र कोई अधिक नही है । काल के ग्रास ने लील लिया ....वो होते तो प्रतिक्रिया क्या होती पर जितने भी लोगो से राजीव जी पर चर्चा हुई वो व्यक्ति किसी भी राजनैतिक दल का रहा हो उसकी बातों में सिर्फ अफसोस ही दिखा राजीव जी के न होने का । यह अफसोस हमदर्दी नही होती है ....उनके हाथ मे एक बेहतर भारत की वो शख्स कल्पना बया करने लगता है.... विडंबना ही होती है कि जो जवाहर लेखनी के पुजारी थे वो....जो अटल कवि हृदय थे वो .....और जो जहाज चलना ही अपना नियति मांन बैठा उसे देश चलाना पड़ा .....सबसे बेहतर आश्चर्य तो एक अन्यन्त साधारण और शर्मीले व्यक्ति का महामानव हो जाना बापू के रूप में ..... राजीव जी की सरलता और सहजता ही थी कि उनके सबसे विस्वस्थ ने ही उनकी पीठ में छुरा घोंपा । ये सरलता ही थी कि खान अब्दुल गफ्फार ने अपनी पोटली किसी के सामने न खोली , पर राजीव जी के पूछने मात्र से ही ..."तेरी माँ भी पूछती थी कभी नही दिखाया पर तु तो नाती है , देख ले" ......ये उनका सौम्य व्यक्तित्व था कि तीन पीढ़ी के धुर विरोधी अटल जी ने एक बड़े ...

हम भारत के लोग...

*हम भारत के लोग* .... आज स्वतंत्र है ... 1947 से ही स्वतंत्र है। मेरी जितनी उम्र है मैने उतनी स्वतंत्रता देखी , कोई 84 साल की उम्र का होगा तो उसने 74 साल यही स्वाद लिया...अमूमन 10 वर्ष की आयु में होश संभल जाता है । हम सबको बधाई देंगे , सबकी तरह ही ...कुछ प्रश्न स्वयं से स्वयं कर रहा ....लगभग संवेदनशील देवियों एवं सज्जनोँ के अंतर्मन को ये सवाल चालते ही होंगे ...पशुता है तो कोई बात ही नही ।  मैं एक राजनैतिक दल से हू, इस लेख के बाद मुझपर भी सवाल उठेंगे ...जैसे मोहम्मद गोरी, कासिम और बाबर के नाम पर आज की पीढ़ी को गालियां मिलती है । स्वागत है ...  *हमारे पूर्वज ने इतनी लंबी लड़ाई लड़ी ही क्यों ?*  नमक कानून तोड़ने को ? कपास की खेती के लिए ? नील की खेती के खिलाफ ? पैसों के लिए? हमारी सोने की चिड़िया को कोई लुटे न इसलिए ? किसानों की ही हालात सुधारने के लिए ? गांधी की पगड़ी उतरी ये कारण या स्टेशन पर फेंक दिए गए इसलिए ? बंगाल से शुरू हुआ टैक्सेशन का खेल गवर्नर जनरल तक पहुँचा उसके ख़िलाफ़? कुछ वकील इज्जत चाहते थे, बराबरी चाहते थे इसलिए? देश मे हिन्दू मुस्लिम दंगा हो इसलिए ? या ...

ऐसे भी कोई जाता है ... राजीव भैया ?

भाई राजीव त्यागी जी नही रहे । शाम को लाइव डिबेट करते करते ....दोषी कौन?  क्या सांवित पात्रा का हृदय उनसे अकेले में सवाल नही पूछता होगा ? क्या अन्तरात्मा धिक्कारती नही होगी । यहाँ तो जरा भी गलत हो जाये, किसी को बेवजह डांट भी दू तो अपसेट हो जाता हूं । मैं नही जानता कुपत्रा क्या सोच रहे होंगे । स्वयं को कोस रहे होंगे या वही कुटिल मुस्कान ...और गर्व महसूस कर रहे होंगे कि मोदी जी के कांग्रेस मुक्त अभियान में हमने सिर्फ किसी के विचार ही नही बदला बल्कि शरीर ही बदल दिया । राजीव भैया से पिछली मुलाकात मीडिया हाल के पीछे हुई । तब प्रियंका जी और सोनिया जी के रायबरेली आगमन के पश्चात भैया उत्तर प्रदेश कमेटी में मीडिया के चेयरमैन नियुक्त हुए थे , हालांकि महासचिव तो थे ही । राजीव जी पद के मोहताज नही थे ....एक मुलाकात में एक पत्रकार ने भैया से विस्टिंग कार्ड माँगा हस्ते हुए बोले "हमने तो आज तक कार्ड छपाया ही नही" ....मैं ह्म्म्म की सहमति के साथ बोला "भैया मैं कार्ड बनवाता हु आपका" .... कार्ड दो डिजाइन में मैन बनवाया....क्या हुवा मैं जान भी न सका कि उन्हें चेयरमैन पद से म...

राहत इंदौरी साहब आप बहुत याद आओगे ...

मुझे जहाँ तक याद है कि बसंतलाल कॉलेज में मेरे बचपन मे हुए मुशायरे में राहत इंदौरी साहब ने शिरकत की थी । बलरामपुर में भी उनका आगमन हुआ .... राहत का जन्म इंदौर में 1 जनवरी 1950 में कपड़ा मिल के कर्मचारी रफ्तुल्लाह कुरैशी और मकबूल उन निशा बेगम के यहाँ हुआ। वे उन दोनों की चौथी संतान हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नूतन स्कूल इंदौर में हुई। उन्होंने इस्लामिया करीमिया कॉलेज इंदौर से 1973 में अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी कीऔर 1975 में बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल से उर्दू साहित्य में एमए किया। तत्पश्चात 1985 में मध्य प्रदेश के मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय से उर्दू साहित्य में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। राहत इंदोरी जी ने शुरुवाती दौर में इंद्रकुमार कॉलेज, इंदौर में उर्दू साहित्य का अध्यापन कार्य शुरू कर दिया। उनके छात्रों के मुताबिक वह कॉलेज के अच्छे व्याख्याता थे। फिर बीच में वो मुशायरों में व्यस्त हो गए और पूरे भारत से और विदेशों से निमंत्रण प्राप्त करना शुरू कर दिया। उनकी अनमोल क्षमता, कड़ी लगन और शब्दों की कला की एक विशिष्ट शैली थी ,जिसने बहुत जल्दी व बहुत अच्छी तरह से जनता ...

भावभीनी श्रद्धांजलि

कुछ बात ही थी कि हस्ती याद आती रहेगी तुम्हारी ..... भावभीनी श्रद्धांजलि ग्रेट अमर सिंह ....सलाम / शतशत नमन  ......भारतीय राजनीति में, उद्योग में और फिल्मों में ....सबसे बड़ी बात की साधारण परिवार में जन्म लेकर इस मुल्क की जितनी भी उचाइयां रही अमर सिंह का सिर्फ हस्तक्षेप ही नही धाक रही है । अम्बानी हो या महानायक अमिताभ बच्चन या कोई भी राजनैतिक अमर सिंह के प्रभाव में ही रहा। मुझे व्यक्तिगत पसंद थी उनकी बेबाक जुबानी जो शायद ही अब आगे कोई राजनेता उस परिपाटी पर चल सके । मुझे अपने मित्र श्री पंकज तिवारी से ये शिकायत भी रहेगी कि उनके अमर सिंह से व्यक्तिगत संबंध होने के बावजूद वो मुझे अमर सिंह से मिला न सके ।  आज़मगढ़ में जरूर कोई खास बात है वहां शक्शियत ही निकलते ही रहते है विख्यात या कुख्यात ....जैसा आबोहवा मिलता है उसी में टॉपर हो जाते है  आजमगढिया । टाटा के घर की बेटी जिसे भाई से अधिक प्यार करती हो , महानायक जिसके मित्र हो, अम्बानी जिसकी बात न टाल सके ....समाजवादी पार्टी को जिसने उत्तर प्रदेश से उठाकर देश मे चर्चित बना दिया एक क्षेत्रीय पार्टी के मंच पर उद्योग, वालीवुड को लाकर बि...